Rajasthan Current Affairs November 2015

Rajasthan Current Affairs for November 2015: Rajasthan Current Affairs General Knowledge(GK) Multiple Choice Questions (MCQ) for RAS, IAS/ Bank and other competitive examinations across Rajasthan.  As part of Current Affairs , We will daily provides you Question of Current Affairs, India GK and World GK during whole month of October 2015 which will help you in various rajasthan state level examinations like RAS, REET, Rajasthan Patwari, Rajasthan Police and other state level examinations. For Current Affairs Live Updates Follow us:
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Rajasthan Current Affairs for November 2015 - Daily Updates:  
  • Inland Waterways Authority of India under the Ministry of Shipping proposes to guide and support Rajasthan government for building an Inland Shipping Port at Jalore. The port and the terminal that are to be created, will help develop inland navigation facilities in western Rajasthan and will also bring about socio-economic development of the region. 
  • Resurgent Rajasthan Partnership Summit 2015, the two-day global investment meet organised by the Government of Rajasthan in association with the Confederation of Indian Industry (CII),attracted commitments of investments from 295 memoranda of understanding (MoUs) amounting to Rs. 3,21,199 crore with proposed employment for 2,39,694 lakh people
  • Resurgent Rajasthan Partnership Summit 2015 Highlights

Check Day-wise Current Affairs November 2015 Daily Quiz, Pdf, Objective Questions

Rajasthan GK Question Paper 180

Rajasthan GK Question in Hindi Sample Paper 180: Rajasthan General Knowledge Sample Question Paper with Collection 10 Question of Rajasthan GK Questions for RAS, Rajasthan Police, REET, SI, Contable, Patwari and other state exams under GK Quiz in PDF @  Rajasthan GK Sample Papers.  Rajasthan General Knowledge (GK) and General Studies (GS) Questions from various examinations of Rajasthan Govt. and central Govt Examinations.
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Rajasthan GK Question Paper 180:
Q.3421. 'रावल वंश' की स्थापना किसने की थी?
A. महाराणा कुम्भा
B. बप्पा रावल
C. राव चूँडा
D. महाराणा लाखा
Answer: B

Q.3422. सबसे अधिक ऊन देने वाली भेड़ की नस्ल कौन-सी है?
A. चोकाना
B. मालपुरी
C. जैसलमेरी
D. पुंगल
Answer: C

Q.3423. गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन कहाँ के राजा थे?
A. लिच्छिवि
B. कोलिय गणराज्य
C. पावा के मल्ल गणराज्य
D. कपिलवस्तु
Answer: D

Q.3424. चतुर्थ बौद्ध संगीति के अध्यक्ष कौन थे?
A. वसुमित्र
B. मोगलिपुत्र तिस्स
C. अश्वघोष
D. महाकस्सप
Answer: A

Q.3425. 'तराइन का द्वितीय युद्ध' 1192 ई. में हुआ, वर्तमान में तराइन किस ज़िले में है?
A. भटिण्डा
B. करनाल
C. रोहतक
D. गुड़गाँव
Answer: B

Q.3426. राजस्थान में धनिये का सर्वाधिक उत्पादन किस ज़िले में होता है?
A. कोटा
B. बूँदी
C. झालावाड़
D. बाराँ
Answer: D

Q.3427. किस राजा का बचपन का नाम ‘कीका’ था?
A. महाराणा कुम्भा
B. शिवदास
C. महाराणा प्रताप
D. राव चूँडा
Answer: C

Q.3428. निम्न में से कौन-सी फ़सल ‘भूमि संरक्षी फ़सल’ के रूप में उगाई जाती है?
A. बाजरा
B. गन्ना
C. मूंग
D. जौ
Answer: C

Q.3429. राजस्थान की पश्चिमी अन्तरराष्ट्रीय सीमा की लम्बाई कितनी है?
A. 1070 कि.मी.
B. 5920 कि.मी.
C. 1727 कि.मी.
D. 826 कि.मी.
Answer: A

Q.3430. तीर्थंकर महावीर का जन्म कहाँ हुआ था?
A. वैशाली में
B. कुण्डग्राम में
C. श्रावस्ती में
D. पावा में
Answer: B

Rajasthan GK Question Paper 179

Rajasthan GK Question in Hindi Sample Paper 179: Rajasthan General Knowledge Sample Question Paper with Collection 10 Question of Rajasthan GK Questions for RAS, Rajasthan Police, REET, SI, Contable, Patwari and other state exams under GK Quiz in PDF @  Rajasthan GK Sample Papers.  Rajasthan General Knowledge (GK) and General Studies (GS) Questions from various examinations of Rajasthan Govt. and central Govt Examinations.
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Rajasthan GK Question Paper 179:
Q.3411. गणेश्वर सभ्यता किस नदी के किनारे विकसित हुई थी?
A. बाणगंगा नदी
B. कांतली नदी
C. कोकनी नदी
D. रूपारेल नदी
Answer: B

Q.3412. बिजौलिया किस ज़िले में स्थित है?
A. जयपुर
B. बीकानेर
C. भीलवाड़ा
D. इनमें से कोई नहीं
Answer: C

Q.3413. निम्न में से भारी जल है-
A. समुद्री जल
B. लवणयुक्त जल
C. ट्रिटियम ऑक्साइड
D. ड्यूटीरियम ऑक्साइड
Answer: D

Q.3414. 'मांडो की पाल', डूँगरपुर किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
A. फेल्सपार
B. फ्लोराइट
C. संगमरमर
D. चूना पत्थर
Answer: B

Q.3415. जैसलमेर स्थित सोनू किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
A. फेल्सपार
B. संगमरमर
C. चूना पत्थर
D. इनमें से कोई नहीं
Answer: C

Q.3416. जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
A. सूरदास
B. मीराबाई
C. तुलसीदास
D. गिरिधर
Answer: C

Q.3417. किस परंपरा का शाब्दिक अर्थ 'मृत्यु धन' है, जो मेवाड़ के जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित है?
A. उदेना
B. माम्रा
C. संदेशा
D. मौताना
Answer: D

Q.3418. 'गागरोन का क़िला' कहाँ है?
A. गंगानगर
B. झालावाड़
C. कोटा
D. जोधपुर
Answer: B

Q.3419. स्टेनलेस स्टील बनाने के लिए क्या प्रयोग में लाया जाता है?
A. क्रोमियम और निकिल
B. निकिल और ताँबा
C. क्रोमियम और ग्रेफ़ाइट
D. बेंजीन और एसिटोन
Answer: A

Q.3420. सहरिया वनवासी जाति मुख्यत: कहाँ निवास करती है?
A. जयपुर
B. बाराँ
C. चित्तौड़गढ़
D. दौसा
Answer: B

एक मुट्ठी बाजरे के लिए मैं हिन्दुस्तान की सल्तनत खो देता

दिल्ली के सुल्तान शेरशाह सूरी (17 मई 1540 – 15 मई 1545) ने बाबर के उत्तराधिकारी हुमायूं को हराकर दिल्ली पर अधिकार किया एवं लगभग 5 वर्ष तक शासन किया।  शेरशाह सूरी ने राजस्थान में मारवाड़ के शासक मालदेव की बढ़ती हुई शक्ति देखकर 1543 ई में मारवाड़ के निकट सुमेल गांव 80000 की फ़ौज़ मालदेव की 50000 की फ़ौज़ के साथ "गिरी-सुमेल" का युद्ध लड़ा । मालदेव ने शेरशाह की सेना के ऐसे दाँत खट्टे किये कि एक बार तो शेरशाह का हौसला पस्त हो गया। परन्तु अन्त में छल-कपट से शेरशाह जीत गया। फिर भी मारवाड़ से लौटते हुए यह कहने के लिए मजबूर होना पड़ा - ""खैर हुई वरना मुट्ठी भर बाजरे के लिए मैं हिन्दुस्तान की सल्तनत खो देता।''
QUIZ. “एक मुट्ठी बाजरे के लिए मैं हिन्दुस्तान की बादशाहत खो देता।“ यह कथन किसका है?
A. रणमल
B. हुमायूँ
C. शेरशाह
D. औरंगज़ेब
Answer: C

Lokayukta in Rajasthan | राजस्थान में लोकायुक्त

Lokayukta in Rajasthan (राजस्थान में लोकायुक्त): राजस्थान में लोकायुक्त की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। लोकायुक्त से पूर्व भी राजस्थान में जन अभियोग की देखभाल के लिए जन अभियोग निराकरण विभाग विद्यमान था किन्तु सरकार के इस तंत्र में किसी ऐसी संस्था का प्रावधान नहीं था जिसके द्वारा मंत्रियों, सचिवों और लोक सेवकों के विरूद्ध पद के दुरूपयोग, भ्रष्टाचार और निष्क्रियता की शिकायतों की जॉंच व अन्वेषण किया जा सके।  फलस्वरूप जनता में विश्वास और सन्तोष की भावना की अभिवृद्धि करने के लिए तथा स्वच्छ, ईमानदार और सक्षम प्रशासन प्रदान करने हेतु मंत्रियों, सचिवों और लोक सेवकों के विरूद्ध पद के दुरूपयोग, भ्रष्टाचार एवं अकर्मण्यता आदि की शिकायतों को देखने तथा उनमें अन्वेषण करने के लिए स्वतंत्र एजेन्सी का सृजन करना तुरन्त आवश्यक समझा गया और इस उद्देश्य की अभिप्राप्ति के लिए वर्ष 1973 में राजस्थान लोकायुक्त तथा उप लोकायुक्त अध्यादेश पारित हुआ, जो 3 फरवरी, 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ।  इसे 26 मार्च, 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हो गई और तब से यह अधिनियम के रूप में प्रदेश में प्रभावी है। राजस्थान के वर्तमान लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री एस.एस. कोठारी हैं जिन्होंने मार्च 2013 को इस पद की शपथ ली ।

लोकायुक्त, कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
  • भारत में सर्वप्रथम वर्ष 1970 में उड़ीसा में लोकपाल की स्थापना हुई, जहॉं 1995 में पुनः नया लोकपाल एवं लोकायुक्त  अधिनियम बना। राजस्थान में और इसके उपरान्त लगभग 20 से अधिक राज्यों में लोकायुक्त संस्था की स्थापना हुई। 
  • विश्व के अधिकांश देशों में जिस संस्था को ऑम्बुड्समैन कहा जाता है, उसे हमारे देश में लोकपाल या लोकायुक्त के नाम से जाना जाता है। भारत में लोकपाल या लोकायुक्त नाम 1963 में मशहूर कानूनविद डॉ. एल. एम. सिंघवी ने दिया था। लोकपाल शब्द संस्कृत भाषा के शब्द लोक (लोगों) और पाला (संरक्षक) से बना है।
  • लोकपाल या ऑम्बुड्समैन नामक संस्था ने प्रशासन के प्रहरी बने रहने में अन्तर्राष्ट्रीय सफलता प्राप्त की है। इसका प्रारम्भिक श्रेय स्वीडन को जाता है जहाँ सर्वप्रथम इस संस्था की अवधारणा की कल्पना की गई। वहाँ वर्ष 1713 में किंग चार्ल्स 12 ने कानून का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों को दण्डित करने के लिए अपने एक सभासद को नियुक्त किया। स्वीडन में नया संविधान बनाने हेतु गठित संविधान सभा के सदस्यों का आग्रह रहा कि पूर्व व्यवस्था से भिन्न उनका ही एक अधिकारी जाँच का कार्य करे जो किसी भी स्थिति में सरकारी अधिकारी नहीं होना चाहिए। इस पर वर्ष 1809 में स्वीडन के संविधान में ‘ऑम्बुड्समैन फॉर जस्टिस’ के रूप में प्रथम बार इस संस्था की व्यवस्था हुई जो लोकसेवकों द्वारा कानूनों तथा विनियमों के उल्लंघन के प्रकरणों की जाँच करेगा।
  • स्वीडन के बाद धीरे-धीरे आस्ट्रिया, डेनमार्क तथा अन्य स्केण्डीनेवियन देशों और फिर अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका एवं यूरोप के कई देशों में भी ‘ऑम्बुड्समैन‘ के कार्यालय स्थापित हुए। फिनलैण्ड में वर्ष 1919 में, डेनमार्क में 1954 में, नार्वे में 1961 में व ब्रिटेन में 1967 में भ्रष्टाचार समाप्त करने के उद्देश्य से ऑम्बुड्समैन की स्थापना की गई। अब तक 135 से अधिक देशों में ‘ऑम्बुड्समैन‘ की नियुक्ति की जा चुकी है।
  • आम्बड्समैन स्वीडिश भाषा का एक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ लोगों का रिप्रेन्जेटेटिव या एजेन्ट होता है। वस्तुतः ‘ऑम्बुड्समैन‘ का अर्थ एक ऐसे व्यक्ति से है जिसे कुप्रशासन, भ्रष्टाचार, विलम्ब, अकुशलता, अपारदर्शिता एवं पद के दुरूपयोग से नागरिक अधिकारों की रक्षा हेतु नियुक्त किया जावे। ब्रिटेनिका विश्वकोष में आम्बड्समैन को नौकरशाही की शक्तियों के दुरूपयोग के सम्बन्ध में नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों की जाँच करने हेतु व्यवस्थापिका का आयुक्त कहा गया है।
  • हमारे देश में 5 जनवरी, 1966 को श्री मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में पहलेे प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया। इस आयोग ने ‘‘प्रॉब्लम ऑफ रिड्रेस ऑफ सिटीजन्स ग्रीवन्सेज‘‘ से सम्बन्धित अपने वर्ष 1966 के अन्तरिम प्रतिवेदन में व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, चारों ओर फैली अकुशलता तथा जनसामान्य की आवश्यकताओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशून्यता के विरूद्ध प्रायः उभरने वाले आक्रोश पर विचार कर यह सिफारिश की थी कि जन अभियोग निवारण तथा दुराचारपूर्ण व्यवस्था से उत्पन्न भ्रष्टाचार और अन्याय का अभिकथन करने वाली शिकायतों की जॉंच के लिए केन्द्र में लोकपाल तथा राज्यों में लोकायुक्त नामक कानूनी संस्था की स्थापना की जाये किन्तु इस सिफारिश को पर्याप्त लम्बे समय तक स्वीकार नहीं किया गया। अब स्वीकार तो किया गया है किन्तु इसकी क्रियान्विति अभी मूर्त्त रूप नहीं ले सकी है।
  • सर्वप्रथम वर्ष 1970 में उड़ीसा में लोकपाल की स्थापना हुई, जहॉं 1995 में पुनः नया लोकपाल एवं लोकायुक्त  अधिनियम बना। अभी हाल ही ओडिशा विभानसभा ने अत्यन्त प्रभावी प्रावधानों को समाहित करते हुए ओडिशा लोकायुक्त बिल 2014 पारित कर दिया है।  वर्ष 1971 में महाराष्ट्र में, 1973 में राजस्थान में और इसके उपरान्त लगभग 20 से अधिक राज्यों में लोकायुक्त संस्था की स्थापना हुई।
  • केन्द्रीय स्तर पर लोकपाल एवं राज्य स्तर पर लोकायुक्त संस्थाओं की स्थापना के लिए बहुप्रतीक्षित लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (2014 का अधिनियम सं. 1) संसद द्वारा वर्ष 2014 में पारित हुआ, जिसे दिनांक 1 जनवरी, 2014 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई। भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 16 जनवरी, 2014 के द्वारा इस अधिनियम के उपबन्ध दिनांक 16 जनवरी, 2014 से प्रवृत्त किये गये हैं।

Central Institute for Research on Goats (CIRG), Tonk | केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, अविकानगर (टोंक) । Central Institute for Research on Goats (CIRG), Avikanagar (Tonk): Central Institute for Research on Goats (CIRG) is a premier research Institute of Indian Council of Agricultural Research (ICAR, Ministry of Agriculture, Government of India. Central Institute for Research on Goats (CIRG) main center is situated at Salempur Farah, Mathura, Uttar Pradesh, which was established on 12th July, 1979. Central Institute for Research on Goats (CIRG) center in Rajasthan is situated at Avikanagar (Tonk).
The main objective of Central Institute for Research on Goats (CIRG) are
  • To develop the poor men’s cow - the goat as a source of livelihood security, poverty alleviation and employment generation for the smallholders. 
  •  Enhance and sustain goat productivity in respect of meat, milk and fibre through Research, Extension and HRD support. 
  • The Mandate of the Institute is to undertake basic and applied research in all disciplines of goat production and product utilization, to impart trainings, to transfer technologies and provide consultancy services for improving quantity and quality of meat, milk and fibre production from goat and to develop goat products processing technologies.

राजस्थान "सामान्य-ज्ञान" के सम्पूर्ण नोट्स, समसामयिकी एवं टेस्ट अब मोबाइल एप्प पर भी उपलब्ध है।  "राजस्थान GK" फ्री एप्प डाउनलोड करें:  http://tinyurl.com/rajasthangk
- राजस्थान के प्रमुख अनुसंधान केंद्र

कनागत Kanagat

कनागत या Kanagat का अर्थ श्राद्ध के महीने से है जब कन्यागत (सूर्य) क्वार के महीने के कृष्णपक्ष के दौरान अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ भाव प्रकट करते हुए श्राद्ध किये जाते हैं एवं ब्राह्मणों को दान दिया जाता है ।  कनागत का मुख्य अर्थ पितरों के श्राद्ध से है।
राजस्थान में निम्न में से सर्वत्र माना जाने वाला रिवाज कौन-सा है?
A. कनागत
B. पर्दा प्रथा
C. बाल विवाह
D. इनमें से कोई नहीं
Answer: A