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ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) 2017, कोटा

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) 2017, कोटा का आयोजन राजस्थान के कोटा में आरएसी परेड ग्राउंड में 24 मई से 26 मई2017 तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय यह आयोजन कोटा के आरएसी परेड ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 30,000 किसान भाग लेंगे। यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार तथा फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। गत वर्ष जयपुर में आयोजित ‘ग्राम 2016‘ की उपलब्धियों को देखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा ‘ग्राम कोटा‘ का आयोजन किया जा रहा है।
‘ग्राम कोटा‘ के आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में कोटा संभाग के किसानों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से अवगत कराना और कोटा के कृषि विकास को गुणात्मक रूप से अगले स्तर पर ले जाना है। इस आयोजन के दौरान कृषि क्षेत्र के सभी हितधारक - जिनमें कोटा एवं आसपास के किसान, शिक्षाविद, प्रौद्योगिकीविद, कृषि व्यवसाय कंपनियां और नीति निर्माता शामिल हैं, एक मंच पर एकत्रित होंगे। ‘ग्राम कोटा‘ के बारे में जागरूकता लाने एवं इसे लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से गत माह बारां, छबड़ा, भवानी मंडी, झालरापाटन एवं रामगंजमंडी में ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशन आयोजित किए गए थे, जिनमें किसानों से जबरदस्त रूझान प्राप्त हुये थे। ‘ग्राम‘ के प्रचार-प्रसार के लिए सरपंचों के साथ बैठकें एवं किसान सभाएं भी आयोजित करना प्रस्तावित है।

राजस्थान राज्य का निर्माण, एकीकरण के 7 चरण

राजस्थान राज्य का निर्माण एवं एकीकरण के 7 चरण
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पहला चरण ('मत्स्य यूनियन') 18 मार्च 1948:  सबसे पहले अलवर, भरतपुर, धौलपुर, व करौली नामक देशी रियासतों का विलय कर तत्कालीन भारत सरकार ने 1  1948 मे अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर 'मत्स्य यूनियन' के नाम से पहला संघ बनाया। 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ का उद़घाटन हुआ और धौलपुर के तत्कालीन महाराजा उदयभानसिंह को राजप्रमुख, महाराजा करोली को उपराज प्रमुख और अलवर प्रजामंडल के प्रमुख नेता श्री शोभाराम कुमावत को मत्स्य संघ का प्रधानमंत्री बनाया गया।  इसकी राजधानी अलवर रखी गयी थी। 
दूसरा चरण ('राजस्थान संघ') 25 मार्च 1948: राजस्थान के एकीकरण का दूसरा चरण 25  मार्च 1948 को स्वतंत्र देशी रियासतों कोटा, बूंदी, झालावाड, टौंक, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ, किशनगढ और शाहपुरा को मिलाकर बने 'राजस्थान संघ' के बाद पूरा हुआ। राजस्थान संघ में विलय हुई रियासतों में कोटा बड़ी रियासत थी, इस कारण इसके तत्कालीन महाराजा महाराव भीमसिंह को राजप्रमुख बनाया गया। 
तीसरा चरण ('संयुक्त राजस्थान')18 अप्रैल 1948: राजस्थान संघ में उदयपुर रियासत का विलय कर 'संयुक्त राजस्थान' का निर्माण हुआ | पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इसका उद्घाटन किया गया | महाराणा मेवाड –भूपालसिंह राजप्रमुख व् माणिक्यलाल वर्मा प्रधानमंत्री बने | उदयपुर को इस नए राज्य की राजधानी बनाया गया | कोटा महाराव भीमसिंह को उपराजप्रमुख बनाया गया |  
चौथा चरण ('वृहत राजस्थान'') 30 मार्च 1949: 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर 'वृहत्तर राजस्थान संघ' बना था। यही राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है। देशी रियासतों जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर का विलय करवाकर तत्कालीन भारत सरकार ने 30  मार्च 1949 को वृहत्तर राजस्थान संघ का निर्माण किया, जिसका उदघाटन भारत सरकार के तत्कालीन रियासती और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया।  हालांकि अभी तक चार देशी रियासतो का विलय होना बाकी था, मगर इस विलय को इतना महत्व नहीं दिया जाता, क्योंकि जो रियासते बची थी वे पहले चरण में ही 'मत्स्य संघ' के नाम से स्वतंत्र भारत में विलय हो चुकी थी। जयपुर महाराज सवाईमानसिंह को आजीवन राजप्रमुख, उदयपुर महाराणा भूपालसिंह को महाराज प्रमुख, कोटा के महाराज श्री भीमसिंह को उपराजप्रमुख व श्री हीरालाल शास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया गया | श्री पी. सत्यनारायण राव की अध्यक्षता में गठित कमेठी की की सिफारिशों पर जयपुर को राजस्थान की राजधानी घोषित किया गया | हाई कोर्ट जोधपुर में, शिक्षा विभाग बीकानेर में, खनिज और कस्टम व् एक्साइज विभाग उदयपुर में, वन और सहकारी विभाग कोटा में एवँ कृषि विभाग भरतपुर में रखते का निर्णय किया गया|
पांचवा चरण ('वृहत संयुक्त राजस्थान') 15 अप्रैल 1949: 15 अप्रेल 1949 को भारत सरकार ने शंकरराव देव समिति की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए मत्स्य संघ को वृहत राजस्थान में मिला दिया | भारत सरकार ने 18 मार्च 1948 को जब मत्स्य संघ बनाया था तभी विलय पत्र में लिख दिया गया था कि बाद में इस संघ का राजस्थान में विलय कर दिया जाएगा। इस कारण भी यह चरण औपचारिकता मात्र माना गया। भारत सरकार ने शंकरराव देव समिति की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए मत्स्य संघ को वृहत राजस्थान में मिला दिया | वहां के प्रधानमंत्री श्री शोभाराम को शास्त्री मंत्रिमंडल में शामिल  कर लिया गया |
छठा चरण 'राजस्थान संघ' 26 जनवरी 1950:  भारत का संविधान लागू होने के दिन 26 जनवरी 1950 को सिरोही रियासत का भी विलय ग्रेटर राजस्थान में कर दिया गया। इस विलय को भी औपचारिकता माना जाता है क्योंकि यहां भी भारत सरकार का नियंत्रण पहले से ही था। दरअसल जब राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब सिरोही रियासत के शासक नाबालिग थे।  सिरोही रियासत के एक हिस्से आबू देलवाडा को लेकर विवाद के कारण इस चरण में आबू व् देलवाडा तहसीलों को बम्बई प्रान्त और शेष भाग को राजस्थान में मिलाने का फेसला लिया गया |  लेकिन आबू और देलवाडा को बम्बई प्रान्त में मिलाने के कारण राजस्थान वासियों में व्यापक प्रतिक्रिया हुई | जिससे 6 वर्ष बाद राज्यों के पुनर्गठन के समय इन्हे वापस राजस्थान को देना पड़ा | 26 जनवरी,1950 को भारत के संविधान लागु होने पर राजपुताना के इस भू-भाग को विधिवत ‘राजस्थान’ नाम दिया गया |
सांतवा चरण ('वर्तमान राजस्थान') 1 नवंबर 1956: राज्य पुनर्गठन आयोग (श्री फजल अली की अध्यक्षता में गठित) की सिफारिशों के अनुसार सिरोही की आबू व् दिलवाडा तहसीलें, मध्यप्रदेश के मंदसोर जिले की मानपुरा तहसील का सुनेर टप्पा व अजमेर –मेरवाडा क्षेत्र राजस्थान में मिला दिया गया तथा राज्य के झालावाड जिले का सिरोंज क्षेत्र मध्यप्रदेश में मिला दिया गया |इस प्रकार विभिन्न चरणों से गुजरते हुए राजस्थान निर्माण की प्रक्रिया 1 नवम्बर, 1956 को पूर्ण हुई और इसी के साथ आज से राजस्थान का निर्माण या एकीकरण पूरा हुआ।  भारत सरकार के तत्कालीन देशी रियासत और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल और उनके सचिव वी. पी. मेनन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। इनकी सूझबूझ से ही राजस्थान के वर्तमान स्वरुप का निर्माण हो सका।
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NTPC Gas Power Plant, Anta (Rajasthan)

Anta Gas Power Plant is one of Gas power plant by state run PSU, National Thermal Power Plant (NTPC) situated in Anta town under Baran district of Rajasthan. It is one of the power plants of NTPC. The gas for it is sourced from GAIL HBJ Pipeline - South Basin Gas field, and its source of water is the Chambal River.
Power generation Capacity of Plant = 420 MW.
Primary fuel: Natural gas / Gas Based Plant.
Capacity of Units operational:
3 X 88.7 MW = 266.1 MW
1 X 153.2 MW = 153.2 MW
TOTAL CAPACITY = 419.3 ~ 420MW

Kota District Patwari Exam Result 2013 declared

Rajasthan Revenue Board (www.bor.rajasthan.gov.in), Rajasthan has declared the Results of Patwari Examination 2013 held on 29th June 2013 for 2271 post in rajasthan at different centers in Rajasthan. Patwari Exam 2013 Candidates are looking for Results which started declaring results on 10th September 2013, with Jaipur as first district to declare results. The result is declared by the concern district on various websites and you can check results from the direct link to Results of Rajasthan Patwari Exam Result 2013 with District Wise for all districts of Rajasthan.
 

Kota City Contable Exam Result 2013

Rajasthan Police Constable Written Exam Kota City Result 2013: Rajasthan Police has declared the Written Exam Results for Rajasthan Police Constable GD Exam 2012 held on 6th January 2013. Rajasthan Police Constable Written Exam Result for Kota City declared / announced on official website of Rajasthan Police http://police.rajasthan.gov.in. Candidates can check Rajasthan Police Constable Written Exam Results by Roll No. or Name from below website Links:

Kota City Rajasthan Police Constable Exam 2013 Result

For Full Results of All Districts of Rajasthan, please visit:
Rajasthan Police Constable Results 2013

Print/ Download Rajasthan Police Admit Card for Physical Test 2013

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