Monday, August 31, 2015

सेवण घास Sewan Grass in Rajasthan

Sewan Grass (सेवण घास) is the primary grass of extremely arid parts of Jaisalmer, Barmer and Bikaner districts of western Rajasthan in the Indian Thar desert. Sewan grass is a perennial grass that can live up to 20 years. It is a bushy, multi-branched desert grass with ascending to erect wiry stems, up to a height of 1-1.6 m, and a stout woody rhizome. Leaves are alternate with a thin leaf-blade. It thrives well  under moisture  stress on sandy plains, low dunes and hummocks of this region, receiving annual rainfall below 200 mm.   Sewan grass is native to dry areas of North Africa, Sudanese and Sahelian regions, East Africa, and Asia. It is found in dry open plains, rocky ground and gravelly soils. About 80% of the total geographical area of Jaisalmer covering Nachana, West Puggal, Mohangarh, Sultana and Binjewala with 100-150 mm annual rainfall supported Sewan grasslands. Species like sewan grass are very important in arid environments because they provide forage, which maintains both wild mammals and livestock, and soil cover. 
Scientists in October 2014 at Rajasthan University of Veterinary and Animal Sciences (RAJUVAS), Bikaner have achieved a breakthrough that could open doors for technology driven, soil-less cultivation of seedlings in the state. The scientists have claimed success in developing seedlings of Sewan, a desert grass found in western Rajasthan, using the hydroponics technology.
Quiz in RAS Exan. 'सेवण' घास किस ज़िले में विस्तृत रूप से उगती है?
A. बाड़मेर
B. जोधपुर
C. जैसलमेर
D. सीकर
Answer: C

Sunday, August 30, 2015

Kolvi Village, Jhalawar

Kolvi Caves are located at Kolvi village in Jhalawar District of Rajastan. They are carved out in laterite rock hill. This Buddhist site has stupas, chaityas containing figures of Buddha. These caves prove that a flourishing Civilization existed here several centuries ago & under the Buddhist influence. The Kolvi village is situated about 90 kms. from Jhalawar. The only rock-cut caves in Rajasthan. The ancient Buddhist caves located in the village Kolvi are of great importance, both archaeologically as well as historically. A colossal figure of Buddha, the carved stupas are some of the highlights of these caves. Similar caves can also be found in nearby villages, which proves the existence of a flourishing civilization several centuries ago and the Buddhist influence in the region.
The Buddhist caves have a collection of over 50 Buddhist, man made caves carved on a desolate hillside. A colossal figure of Buddha and the carved stupas are the most impressive structures in the Buddhist caves. Certain unique trees were found near the monasteries and caves in the Buddhist times. These extraordinary Buddhist caves are believed to belong to the 5th century. It is a short climb to the top where the Buddhist caves are situated. The nearest railway station to reach the Buddhist caves is from Bhawanimandi.

आरोग्य राजस्थान अभियान दिसम्बर से

राजस्थान  में दिसम्बर से मार्च, 2016 तक आरोग्य राजस्थान अभियान चलाये जाने का निर्णय लिया गया। इस अभियान से पहले 15 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक 48 हजार आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर एक करोड़ परिवारों के करीब 5 करोड़ सदस्यों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तैयार करेंगे। जिनका ई-मित्र के माध्यम से आॅन लाइन डाटा बेस तैयार होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली अभिनव स्वास्थ्य बीमा योजना में इस डाटा बेस का उपयोग किया जायेगा।
श्री राठौड़ ने बताया कि अभियान के अन्तर्गत दिसम्बर माह से ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किये जायेंगे। जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का हैल्थ कार्ड तैयार किया जायेगा। जांच में सामने आने वाली बीमारियों के उपचार की पुख्ता व्यवस्था की जायेगी।

Saturday, August 29, 2015

राजस्थान राज्य का निर्माण, एकीकरण के 7 चरण

राजस्थान राज्य का निर्माण एवं एकीकरण के 7 चरण

पहला चरण ('मत्स्य यूनियन') 18 मार्च 1948:  सबसे पहले अलवर, भरतपुर, धौलपुर, व करौली नामक देशी रियासतों का विलय कर तत्कालीन भारत सरकार ने 1  1948 मे अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर 'मत्स्य यूनियन' के नाम से पहला संघ बनाया। 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ का उद़घाटन हुआ और धौलपुर के तत्कालीन महाराजा उदयभानसिंह को राजप्रमुख, महाराजा करोली को उपराज प्रमुख और अलवर प्रजामंडल के प्रमुख नेता श्री शोभाराम कुमावत को मत्स्य संघ का प्रधानमंत्री बनाया गया।  इसकी राजधानी अलवर रखी गयी थी। 
दूसरा चरण ('राजस्थान संघ') 25 मार्च 1948: राजस्थान के एकीकरण का दूसरा चरण 25  मार्च 1948 को स्वतंत्र देशी रियासतों कोटा, बूंदी, झालावाड, टौंक, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ, किशनगढ और शाहपुरा को मिलाकर बने 'राजस्थान संघ' के बाद पूरा हुआ। राजस्थान संघ में विलय हुई रियासतों में कोटा बड़ी रियासत थी, इस कारण इसके तत्कालीन महाराजा महाराव भीमसिंह को राजप्रमुख बनाया गया। 
तीसरा चरण ('संयुक्त राजस्थान')18 अप्रैल 1948: राजस्थान संघ में उदयपुर रियासत का विलय कर 'संयुक्त राजस्थान' का निर्माण हुआ | पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इसका उद्घाटन किया गया | महाराणा मेवाड –भूपालसिंह राजप्रमुख व् माणिक्यलाल वर्मा प्रधानमंत्री बने | उदयपुर को इस नए राज्य की राजधानी बनाया गया | कोटा महाराव भीमसिंह को उपराजप्रमुख बनाया गया |  
चौथा चरण ('वृहत राजस्थान'') 30 मार्च 1949: 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर 'वृहत्तर राजस्थान संघ' बना था। यही राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है। देशी रियासतों जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर का विलय करवाकर तत्कालीन भारत सरकार ने 30  मार्च 1949 को वृहत्तर राजस्थान संघ का निर्माण किया, जिसका उदघाटन भारत सरकार के तत्कालीन रियासती और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया।  हालांकि अभी तक चार देशी रियासतो का विलय होना बाकी था, मगर इस विलय को इतना महत्व नहीं दिया जाता, क्योंकि जो रियासते बची थी वे पहले चरण में ही 'मत्स्य संघ' के नाम से स्वतंत्र भारत में विलय हो चुकी थी। जयपुर महाराज सवाईमानसिंह को आजीवन राजप्रमुख, उदयपुर महाराणा भूपालसिंह को महाराज प्रमुख, कोटा के महाराज श्री भीमसिंह को उपराजप्रमुख व श्री हीरालाल शास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया गया | श्री पी. सत्यनारायण राव की अध्यक्षता में गठित कमेठी की की सिफारिशों पर जयपुर को राजस्थान की राजधानी घोषित किया गया | हाई कोर्ट जोधपुर में, शिक्षा विभाग बीकानेर में, खनिज और कस्टम व् एक्साइज विभाग उदयपुर में, वन और सहकारी विभाग कोटा में एवँ कृषि विभाग भरतपुर में रखते का निर्णय किया गया|
पांचवा चरण ('वृहत संयुक्त राजस्थान') 15 अप्रैल 1949: 15 अप्रेल 1949 को भारत सरकार ने शंकरराव देव समिति की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए मत्स्य संघ को वृहत राजस्थान में मिला दिया | भारत सरकार ने 18 मार्च 1948 को जब मत्स्य संघ बनाया था तभी विलय पत्र में लिख दिया गया था कि बाद में इस संघ का राजस्थान में विलय कर दिया जाएगा। इस कारण भी यह चरण औपचारिकता मात्र माना गया। भारत सरकार ने शंकरराव देव समिति की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए मत्स्य संघ को वृहत राजस्थान में मिला दिया | वहां के प्रधानमंत्री श्री शोभाराम को शास्त्री मंत्रिमंडल में शामिल  कर लिया गया |
छठा चरण 'राजस्थान संघ' 26 जनवरी 1950:  भारत का संविधान लागू होने के दिन 26 जनवरी 1950 को सिरोही रियासत का भी विलय ग्रेटर राजस्थान में कर दिया गया। इस विलय को भी औपचारिकता माना जाता है क्योंकि यहां भी भारत सरकार का नियंत्रण पहले से ही था। दरअसल जब राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब सिरोही रियासत के शासक नाबालिग थे।  सिरोही रियासत के एक हिस्से आबू देलवाडा को लेकर विवाद के कारण इस चरण में आबू व् देलवाडा तहसीलों को बम्बई प्रान्त और शेष भाग को राजस्थान में मिलाने का फेसला लिया गया |  लेकिन आबू और देलवाडा को बम्बई प्रान्त में मिलाने के कारण राजस्थान वासियों में व्यापक प्रतिक्रिया हुई | जिससे 6 वर्ष बाद राज्यों के पुनर्गठन के समय इन्हे वापस राजस्थान को देना पड़ा | 26 जनवरी,1950 को भारत के संविधान लागु होने पर राजपुताना के इस भू-भाग को विधिवत ‘राजस्थान’ नाम दिया गया |
सांतवा चरण ('वर्तमान राजस्थान') 1 नवंबर 1956: राज्य पुनर्गठन आयोग (श्री फजल अली की अध्यक्षता में गठित) की सिफारिशों के अनुसार सिरोही की आबू व् दिलवाडा तहसीलें, मध्यप्रदेश के मंदसोर जिले की मानपुरा तहसील का सुनेर टप्पा व अजमेर –मेरवाडा क्षेत्र राजस्थान में मिला दिया गया तथा राज्य के झालावाड जिले का सिरोंज क्षेत्र मध्यप्रदेश में मिला दिया गया |इस प्रकार विभिन्न चरणों से गुजरते हुए राजस्थान निर्माण की प्रक्रिया 1 नवम्बर, 1956 को पूर्ण हुई और इसी के साथ आज से राजस्थान का निर्माण या एकीकरण पूरा हुआ।  भारत सरकार के तत्कालीन देशी रियासत और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल और उनके सचिव वी. पी. मेनन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। इनकी सूझबूझ से ही राजस्थान के वर्तमान स्वरुप का निर्माण हो सका।
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Rajasthan GK Question Paper 175

Rajasthan GK Question in Hindi Sample Paper 175: Rajasthan General Knowledge Sample Question Paper with Collection 10 Question of Rajasthan GK Questions for RAS, Rajasthan Police, REET, SI, Contable, Patwari and other state exams under GK Quiz in PDF @  Rajasthan GK Sample Papers.  Rajasthan General Knowledge (GK) and General Studies (GS) Questions from various examinations of Rajasthan Govt. and central Govt Examinations.
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Rajasthan GK Question Paper 175:
Q.3381. प्रधानमंत्री ने हाल ही में 1.25 लाख करोड़ का पैकेज जिस राज्य को घोषित दिया है ?
A. राजस्थान
B. मध्यप्रदेश
C. गुजरात
D. बिहार
Answer: D

Q.3382. बोधिवृक्ष को नष्ट करने वाला शासक कौन था?
A. शशांक
B. पुष्यमित्र शुंग
C. ईशान वर्मा
D. इनमें से कोई नहीं
Answer:A

Q.3383. फोरम फार इंडियन-पैसिफिक आइलैंड्स को-आपरेशन (फिपिक) की दूसरी शिखर बैठक का आयोजन कहाँ हुआ था ?
A. दिल्ली
B. जयपुर
C. अजमेर
D. मुंबई
Answer: B

Wednesday, August 26, 2015

Rajasthan GK Question Paper 174

Rajasthan GK Question in Hindi Sample Paper 174: Rajasthan General Knowledge Sample Question Paper with Collection 10 Question of Rajasthan GK Questions for RAS, Rajasthan Police, REET, SI, Contable, Patwari and other state exams under GK Quiz in PDF @  Rajasthan GK Sample Papers.  Rajasthan General Knowledge (GK) and General Studies (GS) Questions from various examinations of Rajasthan Govt. and central Govt Examinations.
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Rajasthan GK Question Paper 174:
Q.3371 राजस्थान में अगस्त 2015 में हुए शहरी निकाय चुनाव में किस पार्टी को अधिकतम जीत मिली ?
A. भाजपा
B. कांग्रेस
C. आप
D. बसपा
Answer: A

Q.3372. रिजर्व बैंक ने हाल ही में कितनी संस्थाओं को बैंक खोलने की मंजूरी दी है ?
A. 7
B. 11
C. 20
D. 5
Answer: B
 

राजस्थान ऊर्जा विकास निगम का गठन, 5 करोड़ लोगों के बनेंगे हैल्थ कार्ड

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में आवश्यकता के अनुरूप लघु, मध्यम एवं दीर्घकालीन आधार पर सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली की पारदर्शितापूर्वक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड का गठन करने सहित कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। संसदीय कार्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने मीडिया को कैबिनेट में लिये गये निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि नई कम्पनी के गठन का मुख्य उद्देश्य विद्युत के शाॅर्ट टर्म एवं लाॅन्ग टर्म क्रय संबंधी कार्य के साथ वितरण निगमों के नियामक संबंधी कार्य, विद्युत उत्पादन, प्रसारण एवं वितरण निगमों में समन्वय स्थापित करना है। प्रस्तावित कम्पनी की स्थापना 5 करोड़ रूपये की पूंजी के साथ राजस्थान सरकार द्वारा की जायेगी। ये कम्पनी पूर्णतः सरकारी होगी। इस कम्पनी की अंश पूंजी 500 करोड़ रुपये होगी जो 100 रुपये प्रति शेयर की दर से एकत्रित की जायेगी।
श्री राठौड़ ने बताया कि कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 2 (8) के अनुसार प्रदेश की पांचों विद्युत कम्पनियों की होल्डिंग नई कम्पनी के पास होगी। पांचों विद्युत कम्पनियों के प्रबंध निदेशक इस कम्पनी के डायरेक्टर होंगे तथा विद्युत विभाग के प्रमुख शासन सचिव इसके चेयरमैन होंगे।

Tuesday, August 25, 2015

Dronacharya Awards, Dhyan Chand Awards and Rashtriya Khel Protsahan Puruskar 2015

The Dronacharya Award, instituted in 1985, are given to honour eminent Coaches who have successfully trained sportspersons or teams and enabled them to achieve outstanding results in international competitions. Dhyan Chand Award for Lifetime Achievements in Sports and Games, instituted in the year 2002, is given to honour those sportspersons who have contributed to sports by their performance and continue to contribute to the promotion of sports even after their retirement from active sporting career. Rashtriya Khel Protsahan Puruskar, introduced in 2009,  are given to entities, both in public sector and private sector and non-governmental organizations, with a view to recognizing the contribution made to sports development. Rashtriya Khel Protsahan Puruskar has four categories, namely, Identification and nurturing of budding/young talent, Encouragement to sports through Corporate Social Responsibility, Employment of sports persons and sports welfare measures and Sports for Development. Based on the recommendations of the Committee and after due scrutiny, the Government has approved to confer Dronacharya Awards, Dhyan Chand Awards and Rashtriya Khel Protsahan Puruskar for 2015 upon the following coaches, persons and entities.

(i) Dronacharya Awards 2015

S.No
NAME OF THE COACH
DISCIPLINE
1
Shri Naval Singh
Athletics-Para-sports
2
Shri Anoop Singh
Wrestling
3
Shri Harbans Singh
Athletics- Lifetime
4
Shri Swatantar Raj Singh
Boxing- Lifetime
5
Shri Nihar Ameen
Swimming-Lifetime
  
(ii)        Dhyan Chand Award 2015 

S. No.
NAME OF THE SPORTSPERSON
DISCIPLINE
1
Mr. Romeo James
Hockey
2
Mr. Shiv Prakash Mishra
Tennis
3
Mr. T.P.P. Nair
Volleyball

 (iii) Rashtriya Khel Protsahana Purushkar, 2015

Sl. No.
Category
Entity recommended for Rashtriya Khel Protsahan Purushkar, 2015
1.
Identification and nurturing of budding /young talent
Directorate General of Military Training
2.
Encouragement to sports through Corporate Social Responsibility
Coal India Limited
3.
Employment of sportspersons and sports welfare measures
Haryana Police
4.
Sports for Development
Sports Coaching Foundation, Hyderabad

The awardees will receive their awards from the President of India at a specially organized function at the Rashtrapati Bhawan on August 29, 2015. Dronacharya Awardees and Dhyan Chand Awardees will receive statuettes, certificates and award money of Rs.5 lakh each.  Rashtriya Khel Protsahan Puruskar awardees will receive certificates and trophies.