राजस्थान विधानसभा देश की प्रथम आनलाइन प्रस्ताव लेने वाली विधानसभा बनी

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री कैलाश मेघवाल ने 13 अक्टूबर को विधानसभा स्थित अपने वैश्म में राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के अन्तर्गत विधायकों द्वारा प्राप्त ध्यान आकर्षण प्रस्तावों को राज्य सरकार को आनलाइन से भिजवाये जाने की लेपटाप का बटन दबाकर शुरूआत की।  विधानसभा सचिव श्री पृथ्वी राज ने बताया कि 14वीं विधानसभा के नवें सत्र से विधायकों से राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम 131 के अन्तर्गत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 50 के अन्तर्गत स्थगन प्रस्ताव, नियम 295 के अन्तर्गत विशेष उल्लेख की सूचनाऎं एवं नियम 119 एवं 127 के अन्तर्गत अविलम्बनीय लोक महत्व के विषयों संबंधी प्रस्तावों को आनलाइन विधानसभा में भेजे जाने तथा संबंधित विभाग को भेजने एवं उनकी तथ्यात्मक सूचना राज्य सरकार से प्राप्त करने की प्रक्रिया को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एन आई सी ) के सहयोग से आनलाइन करने की प्रक्रिया में राजस्थान विधानसभा देश की पहली विधानसभा बन गई है ।
एन.आई.सी की राज्य सूचना अधिकारी श्रीमती इंदु गुप्ता ने बताया कि पोर्टल के संबंध में राज्य सरकार के विभागीय अधिकारियों और कार्मिकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने हेतु राजस्थान विधानसभा द्वारा शासन सचिवालय में एक हैल्प डेस्क भी स्थापित की गयी है जिसका SecLAN IP 24557 है। ऑनलाईन प्रस्ताव सूचना प्रणाली के लागू होने से विभागों द्वारा प्रस्तावों के जवाब प्रेषित करना अधिक सुविधाजनक हो जायेगा। इससे समय, कागज व श्रम सभी की बचत होगी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधान सभा देश की अग्रणी विधान सभाओं मे से है, जहां लगभग सभी विधायी कार्य ऑन लाईन किये जा रहे है।